जब बिन बोले मिलता तो बोल के क्या मांगे
जब बिन बोले मिलता, तो बोल के क्या मांगे
मेरी दुनिया तुम ही हो, दुनिया से क्या मांगे ।।
धन दौलत क्या मांगे, मुस्कान ये दी तुमने
हमें श्याम प्रेमियों की, पहचान ये दी तुमने
किस्मत को बनाते हो, किस्मत से क्या मांगे।।
कोई हमसे पूछे ज़रा, जन्नत कैसी होगी
दावे से कहता हूं, खाटू जैसी होगी
जीते जी स्वर्ग मिला, मरने पर क्या मांगे ।।
मुझसे नालायक को, लायक समझा तुमने
अपनों ने ठुकराया, अपना समझा तुमने
तुमको ही मांग लिया, तुमसे अब क्या मांगे।।

