म्हरी आंगली पकड़ ले कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली पकड़ ले
कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली..
वृंदावन जाने की म्हाने
राह बता दे रे
म्हरी आंगली…
म्हरी आंगली पकड़ ले
कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली…
दुनिया के मेले में कान्हा
धक्का मुक्की होवे
हो देख देख के दुनिया डारी
म्हारा सर चकरावे रे
म्हरी आंगली पकड़ ले
कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली…
वृंदावन जाने की म्हाने
अब राह बता दे रे
म्हरी आंगली…
म्हरी आंगली पकड़ ले
कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली…
रास्ता भटक गयी सांवरियो
घोर अंधेरो छायो रे
मार्ग में कंकर पाथर है
म्हारो पग डगमगे रे
म्हरी आंगली पकड़ ले
कान्हा डर मोहे लगे रे
म्हरी आंगली…
नख पे गिरवार लीनो धार
कन्हैया मेरो वारो
जब कोप इंद्रा ने कीन्हा
नख गोवर्धन धार लीनो
हो बदल हो बदल
हो बदल बरस बरस गयो हार
कन्हैया मेरो वारो
नख पे गिरवार लीनो धार
कन्हैया मेरो वारो
कछु माखन को बाल बदयो
कछु गोपन करी सहाए
श्री राधे जु की कृपा से
मैं गिरवार लियो उठाए
मैने गिरवार लियो उठाए।।
नख पे गिरवार लीनो धार
कन्हैया मेरो वारो
कन्हैया मेरो वारो
हरी लाला मेरो ग्वालो
नख पे गिरवार लीनो धार
कन्हैया मेरो ग्वालो।।

