कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले

  • Kanha Ek Tumhi Ho Vipda Mitane Wale

कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला।।

कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला।।

राजा हो या भिखारी सब पर कृपा तुम्हारी
छोटे बड़े सब में तुम हो समाने वाले।।

सारा जहां तिहारा चलते तेरे इशारे
संसार रूपी नैया तुम हो चलने वाले।।

कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला।।

जो भूल बैठे तुमको भोले तुम्हारी महिमा
मझधार में फसे तो तुम हो बचने वाले।।

मझधार से बचाए सुनते ही देव आए
मझधार से बचाए सुनते ही देव आए।।

आवागमन से चाहो तुम हो चुदाने वाले
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला।।

आया शरण तिहारी कवि राम चंद्र द्वारे
उबर लो पतित को पवन कहने वाले
उबर लो पतित को पवन कहने वाले।।

कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले
कान्हा एक तुम्ही हो विपदा मिटने वाले
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला
दूजा कोई नहीं है मुक्ति दिलाने वाला।।

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