लट्ठ लग जा गी कान्हा इतराया ना करो
लट्ठ लग जा गी कान्हा
इतराया ना करो
यातो इसके नैन मिलाया ना करो
राधे इसके नैन मिलाया ना करो
बरसाने बुलावा के
दूर जया ना करो
लट्ठ लग जा गा कान्हा
इतराया ना करो
इसके नैन मिलाया ना करो
राधे इसके नैन मिलाया ना करो
बरसाने बुलावा के
दूर जया ना करो
फागुन में कान्हा
तुम आया ना करो
लट्ठ लग जा गा इतराया ना करो
राधे तू भी जाने
इश्स दिल पे तो ज़ोर ना
सारे बरसाने में
तेरे जैसी ना कोई और ना
होरी के बहाने
बुलवाया ना करो
बरसाने बुलावा के
दूर जया ना करो
तेरी हँसी कर कान्हा
हो रही लत मार है
नही बुरी बात ये
रंगो का ये त्योहार है
ये है महंगा शौक
फरमाया ना करो
लट्ठ लग जा गा इतराया ना करो
भर पिचकारी मारी
बच नही पाएगी
गाल पे गुलाल लगौ
बोल कहा जाएगी
रंगो से राधा
घबराया ना करो
बरसाने बुलावा के
दूर जया ना करो
चलने ना दूँगी कान्हा
आज तेरा ज़ोर मैं
रंगो से कमल सिंग
करदु सराबोर मैं
मोहे देख रसिया
तुम गया ना करो
लट्ठ लग जा गा इतराया ना करो
बरसाने बुलावा के
दूर जया ना करो
लट्ठ लग जा गा इतराया ना करो
