भजन कर राम सीता का चरित मानस पुनीता का
भजन कर राम सीता का चरित मानस पुनीता का
बुढ़ापे में करेगा क्या
धर्म करले जवानी में
परायी पीर हारेगा क्या
धरम करले जवानी में ।।
भजन कर राम सीता का
चरित मानस पुनीता का
यही उपदेश की गाथा
करम करले जवानी में।।
मोह माया में धोखा है
किसी का क्या भरोसा है
अरे निर्लज्ज मौका है
शर्म करले जवानी में।।
बुढ़ापे में करेगा क्या
धर्म करले जवानी में
परायी पीर हारेगा क्या
धरम करले जवानी में ।।
दिया आशीष कृपा माये
किया गुरुदेव ने निर्भय
भजन बिन वज्रा है ह्रदय
भजन करले जवानी में।।
बुढ़ापे में करेगा क्या
धर्म करले जवानी में
परायी पीर हारेगा क्या
धरम करले जवानी में ।।
