आए अवध में श्री राम मंगल गाओ रे
आए अवध में श्री राम मंगल गाओ रे
संग में लखन सिया हनुमान मन हर्षाओ रे।।
पानी कथोता भर ले आओ
सखी सुंदर जयमाल सजाओ।।
आई कमल नयन सुख धाम मन हर्षाओ रे
आए अवध में श्री राम मगल गाओ रे।।
कनक भवन की झाकी न्यारी
निरखी मन जाए बलिहारी।।
जगमग राम की पड़ी माया घाट मगल गाओ रे
संग में लखन सिया हनुमान मन हर्षाओ रे।।
आए अवध में श्री राम मगल गाओ रे
संग में लखन सिया हनुमान मन हर्षाओ रे।।
घर घर ज्योत जली है निराली
अवध में आज मणि है दीवाली।।
लागे धरती स्वर्ग समान मगल गाओ रे
आए अवध में श्री राम मगल गाओ रे
संग में लखन सिया हनुमान मन हर्षाओ रे।।
