मेरे राम लला की जग में उँची शान चाहिए
मैं हूँ हनुमान और ये देश मेरा राम है
चीर के देखलो छाती मेरी दिल में हिन्दुस्तान है
भगवा रंग हम हिंदुत्व की शान है।।
सारे जगत में अपनी अलग पहचान चाहिए
मेरे राम लला की जग में उँची शान चाहिए।।
देख के चौड़ी छाती जिसकी दुश्मन थर थर कापे
मोदी जैसा कलियुग में हनुमान
श्री राम लला की जग में उँची शान चाहिए।।
रावण की लंका में घुस के लंका राख बनादि
राम नाम का भगवा परचम गली गली लहरा दे
दुश्मन समझे जिस भासा को उससे वही समझा दे।।
राम राज्य वाला ही हिन्दुस्तान चाहिए
श्री राम लला की जग में उँची शान चाहिए।।
बनके चौकीदार देश की करे जो पहरेदारी
देखी नही काई सालो में मैने आएसी सेवदारी।।
सब कुछ सहन है देश को लेकिन सहन नही गद्दारी
आँधी नही दिलो में अब तूफान चाहिए
श्री राम लला की जग में उँची शान चाहिए।।
लकी अनिल कहे फिर से राम लाला घर आए
सरयू मैया की लहरो ने मंगल गीत सुनाए
पवन पुत्रा हनुमान आज फिर काम राम के आए।।
मेरे राम लला को जनम स्थान चाहिए
श्री राम लला की जग में उँची शान चाहिए।।
