राम कहने का मजा जिसकी जुबा पर आ गया

  • Ram Kehne Ka Maja Jiski Juba Par Aa Gaya

राम कहने का मजा जिसकी जुबा पर आ गया
मुक्त जीवन हो गया चारो पदार्थ पा गया।।

जाती की थी भीलनी प्रेम से सुमिरन किया
परमात्मा घर आ के बेर झूठा खा गया।।

भक्त प्रहलाद की भक्ति का क्या बखन करू
प्रहलाद जब रोने लगे खंबे पर सर धरने लगे।।

नरसिंह होकर चल दिया
तीनो लोको में यश पा गया।।

लूटा माजा ध्रुव ने घोर जंगल बीच
और चतुर्भुज रूप भगवान दिखा गया।।

राम कहने का मजा जिसकी जुबा पर आ गया
मुक्त जीवन हो गया चारो पदार्थ पा गया।।

मिलते-जुलते भजन...