राज तिलक श्री राम का है राम राज्य फिर आया है
विजय है ये श्री राम की लला की
विजय का ध्वज लहराया है।।
राज तिलक श्री राम का है
राम राज्य फिर आया है।।
भाया फैसला इतिहास का
मंदिर वहीं बनाएंगे।।
छोड़ के तंबू राम लला
जी महल में आएंगे।।
अवध हुआ काशी जैसा
सतरंगी रंग छाया है।।
राज तिलक श्री राम का है
राम राज्य फिर आया है।।
पुलकित भाई अयोध्या नगरी
जर्रा जर्रा झूम गया।।
सागर भी लहरके देखो
धारा का दमन छूम रहा।।
बज रही शेनायी घर घर
मिल रहा आशीष सबका
संवारा ध्वज ने गया है।।
राज तिलक श्री राम का है
राम राज्य फिर आया है।।
विजय है ये श्री राम की लल्ला की
विजय का ध्वज लहराया है।।
राज तिलक श्री राम का है
राम राज्य फिर आया है।।

