रे मन मूरख कब तक जग में जीवन व्यर्थ गवाएगा
रे मन मूरख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ गवाएगा
राम नाम नही गये गा तो
अंत समय पछतायेगा ।।
रे मन मूरख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ गवाएगा
राम नाम नही गये गा तो
अंत समय पछतायेगा ।।
राजा राम राम राजा राम राम
राजा राम राम राजा राम राम
सीता राम राम सीता राम राम
सीता राम राम सीता राम राम
राजा राम राम राजा राम राम
राजा राम राम राजा राम राम।।
लेकिन यह भी याद रहे
सांसो का पास खजाना है
जिसे लूटने को कमदिक
चोरो ने प्राण ताना है
माल लूटा बैठा तो घर
जाकर क्या मुँह दिखलाएगा।।
राम नाम नही गये गा तो
अंत समाए पछतायेगा।।
रे मन मूरख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ गवाएगा
राम नाम नही गये गा तो
अंत समय पछतायेगा
झूठी दुनिया दारी से
क्या आशा मोक्ष के फल की है
झूठी दुनिया दारी से
क्या आशा मोक्ष के फल की है।।
तुझको क्या है खबर जिंदगी
तेरी कितने पल की है
तुझको क्या है खबर जिंदगी
तेरी कितने पल की है।।
यहां के दूत प्राण जब लेंगे
फिर क्या धर्मा सिखाएगा
यहां के दूत प्राण जब लेंगे
फिर क्या धर्मा सिखाएगा।।
राम नाम नही गये गा तो
अंत समय पछतायेगा
रे मन मूरख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ गवाएगा
राम नाम नही गये गा तो
अंत समाए पछतायेगा।।
राजा राम राम राजा राम राम
राजा राम राम राजा राम राम
सीता राम राम सीता राम राम
सीता राम राम सीता राम राम
राजा राम राम राजा राम राम
राजा राम राम राजा राम राम।।
