होगा वही जो राम ने लिखा है
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या हीं मांगू जो बिना मांगे हीं देता है।
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या हीं मांगू जो बिना मांगे हीं देता है,
चिंता क्यों करे, भरोसा जिसने प्रभु पे रखा है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है, होगा वही जो राम ने लिखा है-०२
भरोसा राम पे मुझको, मुझे किस बात का भय हो,
अगर हो साथ रघुवर का, मेरी कैसे पराजय हो,
नहीं बिगड़ेगा कुछ उसका, संवारा है जिसे प्रभु ने,
उसे दुःख छू नहीं सकता, दुलारा है जिसे प्रभु ने,
दुनिया में कोई भी नहीं जो राम से सदा है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है, होगा वही जो राम ने लिखा है-०२
और इसे भी देखें: राम तेरे नाम में
जो ये दुनिया चलाता है, उसी के नाम पे छोड़ा,
मैं अब निश्चिन्त रहता हूँ, है सबकुछ राम पे छोड़ा,
जो तुम हो हौसला देते, बने सेतु भी सागर पर,
मुझे इतना हीं दे देना, मैं तुम्हें भूलूँ ना पल भर,
कुछ भी नहीं है यहाँ जो राम के बिना है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है, होगा वही जो राम ने लिखा है-०२
हो, होइहें सोइ जो राम रचि राखा, कोकर तर्क बढ़ावे साखा,
राम नाम जब लिखन अपारा, पाहन तरै सिंधु की धारा।।
