रघुकुल के राजा महलो में पधारे है
राम राम जय राजा राम
राम राम जय राजा राम
राम राम जय सीता राम
राम राम जय राजा राम
राम राम जय सीता राम ॥
वन वन में घूमे है कितने को तारे है
रघुकुल के राजा महलो में पधारे है
रघुकुल के राजा महलो में पधारे है ॥
मर्यादा पुरोषत्तम हम जिनको कहते है
हनुमान से सेवक के वो दिलो में रहते है
हनुमान से सेवक के वो दिलो में रहते है ॥
पत्थर की अहिलिया को चरणों से तार दिए
सबरी के झूठे फल को स्वीकार किये
सबरी के झूठे फल को स्वीकार किये ॥
केवट के गले लग कर गंगा को पार किया
वन में वानर सेना प्रभु ने तैयार किया
वन में वानर सेना प्रभु ने तैयार किया ॥
ये अवध धाम धरती सरयू अति पावन है
राम लाला दर्शन वैभव मन भवन है
राम लाला दर्शन वैभव मन भवन है ॥
राम राम जय राजा राम
राम राम जय राजा राम
राम राम जय सीता राम
राम राम जय राजा राम
राम राम जय सीता राम ॥
