राम जी आये है लंका जीत अयोध्या चमक रही
दूर किए प्रभु अंधेरा अनीति का
दिव्या ज्योति जलाए हम
दीपो का परवा मनाए हम
बोलिए राजा राम की जय हो
प्रभु लौटे है लंका जीत अयोध्या चमक रही,
राम जी आये है लंका जी अयोध्या चमक रही,
चमक रही प्रभु चमक रही,
भजो दसो दिशा में संगीत,
अयोध्या चमक रही…
झूम रहे सब नगर निवासी
शीतल हो गई अखिया प्यासी,
आज पधारे सब सुख राशि,
मिट गई मन की सब उदासी,
दिन गये दुखो में बीत,
अयोध्या चमक रही……
जोई सुने सो धावत आवत,
प्रभु दर्शन कर अति सुख पावत,
हिल मिल कर सब नाचत गावत,
घर घर सब ही दीप जलावत,
ऐसी रही प्रभु जी से प्रीत,
अयोध्या चमक रही……
छवि अध्भुत अस्कोट बने न,
निरखत प्रभु को नैन हटे न,
अन्जु लखन संग मात जानकी,
देख चकित संग बानर सेना,
गाते जेडी दिविंदर गीत,
अयोध्या चमक रही…..

