भजन प्रभु का जो करते रहोगे
भजन प्रभु का जो करते रहोगे
तो जीवन में अपने ना दुख तुम सहोगे।।
श्री रामम जय श्री राम
भजन प्रभु का जो करते रहोगे
तो जीवन में अपने ना दुख तुम सहोगे
चिंतन हरि का जो अपने करोगे
तो चेतना से जीवन में तुम ना जलोगे
श्री रामम जय श्री राम।।
भजन प्रभु का जो करते रहोगे
ध्रुव ने भजन भाव से जो किया
प्रह्लाद ने चाव से जो लिया।।
आए हरि पीड़ा उनकी हरि
यही एक संदेश जग को दिया
सुमिरन उसका जितना करोगे
तो उल्झन से जग की उतना बचोगे
श्री रामम जय श्री रामम जय।।
भजन प्रभु का जो करते रहोगे।।
संतो के वचनों से ये जान लेना
जीवन की नौका उन्हें सौपदेना
लहरो में भी गीत उसके सुनेगा
तूफ़ान तेरा सहयोग बनेगा
जो भव सागर में यूज हाय भजोगे
तो संसार सागर से तरते रहोगे
श्री रामम जय श्री राम।।
भजन प्रभु का जो करते रहोगे।।
गणिका की आजामिल की
गज की कथा जाने सब ही
सबको सदा ही हितकारी
तन मन की पीड़ा हरे साड़ी
प्राणो से जो श्री राम का होके
तो नाम की गंगा में उसका बहोगे
श्री रामम जय श्री राम।।
भजन प्रभु का जो करते रहोगे।।
