मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी
मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी
तूने भगतो के सारे कष्ट निवारे
सारे पुरे किये है काम जी
मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी।।
भव नदिया मैं दर में चला
मेरे विश्वास की नाव में
धुडता हु मैं इक आसारा
तेरी ही करुना की छाव में
मैं निर्बल यही बल मेरे पास है
झूठा सांचा तेरा नाम जी
मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी।।
प्रभु दीनो के तुम हो सखा
भीलनी के फलो को चखा
मान अपना भुला कर
सदा मान दासो का तूने रखा
बात यु ही नही भगतो ने है
कही श्री चरण में तेरे
सुख धाम जी
मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी।।
मैं रहू या दूर पास हु
तेरा बेटा तेरा दास हु
पालना ही पड़ेगा तुझे
मैं भले ना कोई ख़ास हु
भूल कर प्रीत की रीत का है
अब नाम अपना करो बदनाम जी
मेरी सुध लीजिये मेरे राम जी।।


