हस के सुलझ जाती है सब उलझन कभी कभी

  • Has Has Ke Sulajh Jati Hai Sab Uljhan Kabhi Kabhi

हस के सुलझ जाती है
सब उलझन कभी कभी

गायक – प्रेम भूषण महाराज

हस के सुलझ जाती है
सारी उलझन कभी कभी

हंस हंस के सुलझ जाति है
सब उलझन कभी कभी

मिलता है बड़ा भाग्य
से नर तन कभी कभी

जब तक है जिंदगी
सभी को तू हंसा के जी

हंस हंस के सुलझा जाती है
सारी उलझन कभी कभी

मिलता है बड़ा भाग्य
से नर तन कभी कभी

हंस हंस के सुलझ जाति है
सब उलझन कभी कभी

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