मैं बैठी लगा कर आस राम घर आवन की

  • Main Baithi Laga Kar Aas Ram Ghar Aawan Ki

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

पथ रघुवर के मैं पलक बिछाऊ
रेशम वसन कहा से लाऊ।।

मेरी दीन कुटी का वास ना छोड़
देखने की राम घर आवन की।।

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

औरन के घर में जग माया
मेरे भाग्य राम धन आया।।

एक लगन एक विश्वास आशा
प्रभु पवन की राम घर आवन की।।

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

कबसे बैठी बात निहारु
तन मन धन जीवन को वरु
नहीं गन की पूंजी पास
बात लालचां की
राम घर आवन की।।

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

मैं बैठी लगा कर आस
राम घर आवन की।।

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