ये धरती अंबर सारा प्रभु राम ने सवारा
ये धरती अंबर सारा
प्रभु राम ने सवारा।।
ये धरती अंबर सारा
प्रभु राम ने सांवरा।।
अब हम ये कहे राम से
तेरे शिव कोई नहीं।।
तार जाता जीवन उसका
जिसे मिलता है तेरा सहारा
अब हम ये कहे दाता से
तेरे शिव कोई नहीं।।
तेरे हाथ में धनुष है सोहे
और माथे चंदन का टीका।।
गले फूलो की माला सोहे
तेरे निकत है माता सीता।।
सबका पालक है तू महादानी
तेरी महिमा की लाखो कहानी।।
मेरे रघुपति ही मेरे राघव
इस जगत में ना तेरा कोई सानी।।
क्या पर्वत क्या समन्दर
सब तेरी दया पर है निर्भार।।
अब हम ये कहे राम से
तेरे शिव कोई नहीं।।
हे राम मिलने तुझे
सब तेरे दरबार चले।।
तेरी करुणा पाकर
हम सबके घर बार चले।।
कल क्या होगा ना जाने
हम तो बस इतना माने।।
बिन तेरी दया के भगवान
सब अपने लागने लगे।।
नैनो में बसलेना हमको
चारनो में जगह देना हमको।।
अब हम ये कहे राम से
तेरे शिव कोई नहीं।।
मेरे रघुपति ही मेरे राघव
इस जगत में ना तेरा कोई सानी
