राम से करले तू दिल्लगी
राम से करले तू दिल्लगी
व्यर्थ जाए ना यूही उमारिया
करले चरणों में कुछ बंदगी
चार दिन की है ये ज़िंदगी
राम से करले तू दिल्लगी
सिंगर – सत्येंदर पाठक
चार दिन की है ये ज़िंदगी
राम से करले तू दिल्लगी
व्यर्थ जाए ना यूही उमारिया
करले चरणों में कुछ बंदगी
सीता राम सीता राम सीता राम
सीता राम सीता राम सीता राम
ओ मनवा भाजले सीता राम भाजले
ख्वाब जैसा है सारा जहा
मोहा का परदा आँखो पे है
ज़िंदगी तेरे बस में नही
मौत का पहरा सांसो पे है
साथ जाएगी नेकी बड़ी
राम से करले तू दिल्लगी
चार दिन की है ये ज़िंदगी
राम से करले तू दिल्लगी
सीता राम सीता राम सीता राम
सीता राम सीता राम सीता राम
ओ मनवा भजले सीता राम भजले
शीशे जैसे है रिश्ते है सभी
ठोकरो में बिखर जाते है
कोई अपना पराया नही
ये तो सब वक़्त की बाते है
छोड़ दे जग में चोरी ठगी
राम से करले तू दिल्लगी
चार दिन की है ये ज़िंदगी
राम से करले तू दिल्लगी
सीता राम सीता राम सीता राम
सीता राम सीता राम सीता राम
ओ मनवा भजले सीता राम भजले
ओ पीले मन राम भक्ति का रस
पाप जन्मो के धूल जाएँगे
जैसे कीचड़ में खिलता कमाल
फूल जीवन में खिल जाएँगे
कट जाएँगे दुखड़े सभी
राम से करले तू दिल्लगी
चार दिन की है ये ज़िंदगी
राम से करले तू दिल्लगी
