लंका में बजरंग दहाड़े तो लंका काप गायी
सागर पार चले हैं बजरंगी
लेकर के प्रभु नाम
रावण की लंका में पाहुचे
मचा दिया कोहराम।।
जयकारा वीर बजरंगी
हर हर महादेव।।
ठोक के छती जब लालकरे
लंका में बजरंग दहाड़े
तो लंका काप गायी
जय श्री राम जय हनुमान।।
ठोक के छती जब लालकरे
लंका में बजरंग दहाड़े
तो लंका काप गायी
तो लंका काप गायी
जय श्री राम जय हनुमान।।
सूरज जैसी मुख पर लाली
क्रोध में आकार लाल बनाली
महाबली बाल में बालशाली
राम नाम होठो पे सांवरे
लंका में बजरंग दहाड़े
तो लंका काप गायी
लंका काप गायी लंका काप गायी।।
शिव के ग्यारवे अंश निराले
भक्तों के बजरंग रखवाले
पुत्र अंजनी के मतवाले
चुन चुन कर असुरो को मारे
लंका में बजरंग दहादे
तो लंका काप गायी।।
गराज रहे रण में रण रंगी
वीर बानुकुरी राम के संगी
वज्र अंग बनके बजरंगी
जब हू करके हुंकारे
लंका में बजरनागी दहाड़े
तो लंका काप गायी।।
कमर लंगोटा लाल सुहाना
छवि सुंदरी जाने जन्म।।
तेरा हुआ आदित्य दीवाना
वेश भयंकर हनुमंत धरे
लंका में बजरंग दहादे
टू लंका काप गायी।।
ठोक के छती जब लालकरे
लंका में बजरंग दहादे
टू लंका काप गायी
जय श्री राम जय हनुमान।।
