ओ मेहनदीपुर के बालाजी बाबा तू संकट हारी
ओ मेहनदीपुर के बालाजी
बाबा तू संकट हारी।।
ओ मेहनदीपुर के बालाजी
बाबा तू संकट हारी ।।
ओ मेहनदीपुर के बालाजी
बाला तू संकट हारी।।
मंगल को तेरे व्रत किए हैं
फलदायक शरण तुम्हारी
ओ मेहनदीपुर के बालाजी ।।
लदुआं का तुम्हे भोग लगाया
मैने पड़ी चालीसा प्यारी
ओ मेहनदीपुर के बालाजी।।
लाल लंगोटा संग में सोता
लाल लंगोटा हाथ में सोता
तेरे लिए बलकारी
ओ मेहनदीपुर के बालाजी ।।
दर्जी से तेरी ध्वजा सिलाई
गोता जड़े किनारी
ओ मेहनदीपुर के बालाजी।।
कमाल सिंग तेरी महिमा गावे
कमाल सिंग तेरी महिमा गये
सुन राम अवतार की न्याय
ओ मेहनदीपुर के बालाजी।।
ओ मेहनदीपुर के बालाजी
बाला तू संकट हारी।।

