बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट मेरे घर कदसी आओगे
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।
तेरे भगत ने कर चालीसा
ना मंगु कोई दांडी पैसा।।
बालाजी तारे चुरमे का पिंड
बालाजी तेरे भोग लगाएँगे।।
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।
अखंड ज्योत तेरी निश दिन जागी
दर्शन देजा हो बाद भागी।।
बालाजी तारी पल पल करता आस
मानने कद झलक दिखाओगे।।
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।
सिद्ध मंतरा जप माला फेरू
मन बैरी ते सीकाल घेरू।।
बालाजी मेरा डोले जासी ध्यान
और कितना अजमौगे।।
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।
अशोक भगत की सच्ची भक्ति
पल पल सूरत तारे मैं लखती
बालाजी मेरा हो जाएगा थोड़ी सी
कद मेहर दिखाओगे।।
बालाजी तेरा भगत देख रहा बाट
मेरे घर कदसी आओगे।।

