मेरी लगी बाबा ते प्रीत जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा ते प्रीत जमाना देख लिया
बुरे दिन जब आए मेरे मित्र प्यारे मुखड़ा फेरे
कही ना मिले आराम जमाना देख लिया।।
मेरी लगी बजरंगबली ते प्रीत जमाना देख लिया
बुरे दिन जब आए मेरे मित्र प्यारे मुखड़ा फेरे।।
ना कही मिले आराम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
अन्ना वस्त्रा ना मेरे घर में
सब त्रिया छाल चार नर में
कोई देता ना कौड़ी दाम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
आत्मा हत्या की सोच रहा था
किस्मत ने मैं कोष रहा था।।
एब ना जीवन का काम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
दुख की घड़ी में देके दर्शन
बाबा ने हमे कर दिया प्रसन्ना।।
मैं गया मेहंदीपुर धाम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
बाबाजी दरखास लगाई भवन बीच में आरती गयी
तेरे कट गये कष्ट तमाम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
गुरु मुरारी संग में जेया रे
कौशी आज तनने संझावे
कर सेवा बनके गुलाम जमाना देख लिया
मेरी लगी बाबा से प्रीत जमाना देख लिया।।
