इतनी दया हनुमत करना अपनी भक्ति का वर देना
इतनी दया हनुमत करना
अपनी भक्ति का वर देना।।
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि।।
इतनी दया प्रभु करना
अपनी भक्ति का वर देना।।
तुम बिन कौन सुने फरियाद
करदो मेरा जीवन आबाद।।
आगन खुशियों से भर देना
अपनी भक्ति का वर देना।।
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि।।
तुम सबके प्रभु रखवाले
संकट सब हरने वाले।।
हो मेरे भी दुखदे हरलेना
अपनी भक्ति का वर देना।।
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि
हे बजरंगी तुम हो सहाय
सुमिरन खुशिया लेकर आए
मोक्ष की हमको डगर देना
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि
तुमसा नहीं कोई भक्त महान
मेरी पूजा का स्वर देना
अपनी भक्ति का वर देना
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि
नियम से जो तुमको ध्यान
बाल बुद्धि विद्या पात।।
हो मेरी झोली भी भर देना
प्रभु अपनी भक्ति का वर देना
जय जय हनुमान गोसाई
कृपा करो महादेव की नायि।।
इतनी दया हनुमत करना
अपनी भक्ति का वर देना।।

