हनुमान जब चले उठा के सोटा
ये पहने है लाल लंगोटा
जब चले उठा के सोता
भूतो की रेल बनाए रे
दर के भागे आला बालाए
जब सोते को घुमाए रे।।
सोटे की मार पड़े तो
दिन में दिखा दे तारे।।
इनके आगे थर थर कापे
दुष्ट आधारी सारे सारे।।
जब रुद्रा रूप में आए
आगे कोई टिक ना पाए
याँ के द्वार वो जाए रे।।
दर के भागे आला बालाए
जब सोते को घुमाए रे।।
संकट मोचन नाम है इनका
कलियुग में चर्चा है भारी
कलियुग में है सरदारी।।
दर के भागे आला बालाए
जब सोटे को घुमाए रे।।

