जय जय राम भक्त हनुमान
दोनों हाथ से वक्ष चीर कर दिखा दिए सिया राम
जय जय राम भक्त हनुमान।।
अहिरावन की बुजा उखाड़े संतन के सब कष्ट निवारे
राम दुलारे भगतन प्यारे श्री राम के काज सवारे
सब भगतो ने राम भगतो का किया सदा गुणगान
जय जय राम भक्त हनुमान।।
हनुमान की शक्ति अपार जाने है सारा संसार
श्री राम के कारज हेतु शिव ने लियो हनुमान अवतार
असुरो का वध किया आप ने संतन दी वरदान
जय जय राम भक्त हनुमान।।
इंद्र प्रहार किया मन माना अनु टूटी तो बने हनुमाना
उनकी शक्ति सब ने मानी देव दिए उनको वरदाना
हनुमान के चरण कमल जैसे अमृत की खाल
जय जय राम भक्त हनुमान।।
