मेरे बालाजी अद्भुत तेरी माया
बाबा बजरंग जी अद्भुत तेरी माया
मेरे बालाजी अद्भुत तेरी माया
जो भी तेरे दर पाया उसने सब कुछ पाया।।
तुमने सबकी किश्मत खोली
सब भक्तो की भरदी झोली
जिसको बाबा मिल जाए रे
तेरी छतर छाया
बाबा बजरंग जी अद्भुत तेरी माया
मेरे बालाजी अद्भुत तेरी माया।।
जिसको मिला है तेरा सहारा
पाया भव सागर से किनारा
बनके आए तुम ही खिवैया
तुमने पार लगाया।।
बाबा बजरंग जी अद्भुत तेरी माया
मेरे बालाजी अद्भुत तेरी माया।।
लाल रंग तुम्हे लगे प्यारा
पूजन है सिंदूर तुम्हारा
लाल ध्वजा तेरी लहराई
तूमे राम समाया।।
जाए लंका सिया सुध लाए
श्री राम सीता मिलवाए।।
ध्यान तेरा धीरन लगाए
गुण तेरा ही गया।।
बाबा बजरंग जी अद्भुत तेरी माया
मेरे बालाजी अद्भुत तेरी माया।।

