सुबह सुबह ले अम्बे का नाम करले बंदे मां को प्रणाम
सुबह सुबह ले अम्बे का नाम
सुबह सुबह कर माँ को प्रणाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
जग जननी माँ जगदम्बे
दुख हरनी है माता अम्बे
दुखड़े सबके हरलेटी है
मन चाहा वर माँ देता है
माँ का दामन ले तू थाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
सुबा सुबाह ले अम्बे का नाम
सुबा सुबह कर माँ को प्रणाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
माता सती की करके
स्तुति इच्छाओ की होगी पूर्ती
ममता पाके माता सती की
प्रेम से तेरी झोली भरेगी
चलते माँ वैष्णो के धाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
सुबह सुबह ले अम्बे का नाम
सुबह सुबह कर माँ को प्रणाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
माँ का प्यार जहाँ से प्यार
माँ के प्यार का ले ले सहरा।।
माँ का प्यार मधु से मीठा
माँ का प्यार है शीतल धारा
मां का प्यार अमृत का जाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
सुबह सुबह ले अम्बे का नाम
सुबह सुबह कर माँ को प्रणाम
करले बंदे मां को प्रणाम।।
