जागरण की रात है ये जागरण की रात है
जय जय मां जय मां जय जय मां
हर घर में हर मंदिर में
मैया की ज्योत जगी है
माँ के भक्तो की टोली
माँ के रंगो में रंगी है
खुशी का मौसम आया आया नवराते है
जागरण की रात है ये जागरण की रात है।।
रंग बिरंगी रोशनी से चमक रहा मां का मंदिर
फूलो से श्रृंगार किया है मां का भक्तो ने सुंदर
चुनरी और छोला माँ भते चलते हैं
जागरण की रात है ये जागरण की रात है।।
जगह जगह पर दाल सजे है
गूंज रहे जयकारे है।।
सुहे वरे पाहन के बैठे हैं
माँ के भक्त प्यारे हैं।।
मस्ती में महिमा मां की सुनते हैं जाते हैं
जागरण की रात है ये जागरण की रात है।।
हर कोई झूम रहा मस्ती में
मन में भारी उमंगे है।।
सबके मन डूबे भक्ति में
मां के रंग में रेंज है।।
दास खुश होकर सब पर फूल बरसते हैं
केशव खुश होकर सब पर फूल बरसते हैं
जागरण की रात है ये जागरण की रात है।।

