राधा रानी महारानी

  • Radha Rani Maharani

राधा रानी महारानी, ठकुरानी ठकुरानी-०२
यमुना माँ की लहरें बोले, मुरली बोले श्याम की-०३
तेरी जय जय तेरी जय जय, राधा रानी राधा रानी-०२

ये दसों दिशाएं सारी ऋतुएँ, राधे के गुण गाती हैं,
ये पर्वत झरनें सारी नदियां,
तुमको शीश झुकाती हैं-०२
कोयल फूंके डाल डाल पर, वो भी राधे नाम की-०२
तेरी जय जय तेरी जय जय, राधा रानी राधा रानी-०२

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तेरे इशारे पर सांवरिया, मुरली मधुर बजाता है,
निधि वन में राधे के संग में,
नित हीं रास रचाता है-०२
पवन झरोखें भी गाते हैं, महिमा राधे नाम की-०२
तेरी जय जय तेरी जय जय, राधा रानी राधा रानी-०२

उमा रमा दुर्गा काली राधे तो आदि भवानी है,
ऋषि मुनि गण जन और देवों की,
राधे कल्याणी है, राधे जी कल्याणी है,
मुनींद्र प्रेम की कलम बताती, गाथा राधे नाम की-०२
तेरी जय जय तेरी जय जय, राधा रानी राधा रानी-०२


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