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अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना

  • Anant Chaturdashi Kare Puri Kamna

जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !

जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना-०२
कभी संकट से ना हो, भक्तों का सामना-०२
अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना-०२

हार जुए में कौरव से, गए पांचो पांडव वन में,
कैसे कष्ट कटे ये सोचे, दुखी युधिष्ठिर मन में,

हार जुए में कौरव से, गए पांचो पांडव वन में,
कैसे कष्ट कटे ये सोचे, दुखी युधिष्ठिर मन में,
इस पूजन की महिमा बतायें कृष्णा,
इस पूजन की महिमा तब बतायें कृष्णा,
अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना-०२

जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !

जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
जय श्री विष्णु, विष्णु !
करके स्नान चतुर्दशी में, अनंत सूत्र बंधवाते,
विष्णु प्रभु के आशीष से, सुख समृद्धि पाते,

करके स्नान चतुर्दशी में, अनंत सूत्र बंधवाते,
विष्णु प्रभु के आशीष से, सुख समृद्धि पाते,
डोरी भक्ति की सदा निज हाथ थामना-०२
अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना-०२

और इस प्यारा भजन का भी रसपान करें: जय जय नारायण नारायण हरि हरि

आओ हमभी व्रत को सारे मिल के करले आज,
प्रभु दया से बिगड़े अपने बन जायेंगे काज,

हो ओ,
आओ हमभी व्रत को सारे मिल के करले आज ,
प्रभु दया से बिगड़े अपने बन जायेंगे काज ,
इस व्रत की महिमा को सब आज जानना=०२
अनंत चतुर्दशी करे पूरी कामना-०४


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