ये गोटेदार लहंगा
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के-०३
अपना बनालो,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के-०२
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के,
सावन महीना भोले, कांवड़ नु डाल के,
बारिश की बूंदे,
बारिश की बूंदे टिप टिप करे कमाल के,
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के।
देख ले बाबा भक्ति मेरी दुनिया बड़ी दीवानी, और भांग मस्तानी-०२
मेरे सर पे चढ़ा नशा है तेरी कृपा हो जानी,
तू जग का कल्याणी यानी,
पर्वत बैठा बाबा देखूं निहार के-०२
अपना बनालो,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के-०३
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के।
घनघोर घाट बरसे हैं जब सावन हो त्रिपुरारी, तेरी महिमा न्यारी-०२
मैं चढ़ा दूँ बेला पत्री दरश दिखा जटाधारी,
तू शम्भू अवतारी तारी,
बजता है डंका तेरा दुनिया में ढ़ाल के-०२
अपना बनालो,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के-०2
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के।
और इस भजन को भी देखें: जब जब जी घबराये बोलो ओम नमः शिवाय
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के,
तरसे हैं नैना बाबा तेरे दीदार के,
अपना बनालो हमको थोड़ा निहार के।
