वृन्दावन जाउंगी
वृन्दावन जाउंगी सखी, वृन्दावन जाउंगी-०२
मेरे उठे, मेरे उठे,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
बाजे मुरली यमुना तीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
वृन्दावन जाउंगी सखी, वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
बाजे मुरली यमुना तीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी, श्याम की याद में-०२
मेरे नैनन, मेरे नैनन,
मेरे नैनन बरसे नीर सखी, वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।
और इस भजन से भी आनंदिर हों: होली खेलन दे
श्याम सलोनी सूरत पे दीवानी हो गयी,
मैं कैसे, मैं कैसे,
मैं कैसे धारूं धीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।
इस दुनिया के रिश्ते नाते, सब हीं तोड़ दिए-०२
तुझे कैसे, तुझे कैसे,
तुझे दिखाऊं दिल चीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।
नैन लड़े मेरे गिरधारी से, बावरी हो गयी-०२
दुनिया से, दुनिया से,
दुनिया से हो गयी अनजानी, वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
वृन्दावन जाउंगी सखी, वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे, मेरे उठे,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
बाजे मुरली यमुना तीर, सखी वृन्दावन जाउंगी,
मेरे उठे विरह की पीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।
