विनती मानो हे अंजनी कुमार संजीवन बूटी लेके आये
विनती मानो हे अंजनी कुमार
संजीवन बूटी लेके आये
सुनलो रघुवर की इतनी पुकार
संजीवन बूटी लेके आये।।
शक्ति लगी है लखन लाल को
तू रोक दे वक़्त की चाल को
तुझपर टिकी है निगाहे मेरी
झुकने ना दे तू मेरे भाल को।।
जल्दी करलेना जल्दी करलेना
करे इंतज़ाअर संजीवन बूटी लेके आये।।
विनती मानो हे अंजनी कुमार
संजीवन बूटी लेके आये।।
ना को मामूली ये बात है
अब मेरा जीवन तेरे हाथ है।।
तेरी परीक्षा की ये घड़ी बजरंगबली
काली भयानक सी ये रात है
तेरे हाथो में है जीत हार
विनती मानो हे अंजनी कुमार
संजीवन बूटी लेकर आये।।
विश्वश तुझपर तेरे राम को
तू पूरा करड़ेगा हर काम को
जब तक रहेंगे ये धरती गगन
भूले ना दुनिया तेरे नाम को
माने बिसारिया तेरा आभार
संजीवन बूटी लेकर आये।।
विनती मानो हे अंजनी कुमार
संजीवन बूटी लेकर आये।।
सुनलो रघुवर की इतनी पुकार
संजीवन बूटी लेकर आये।।
