वर दे वीणा वादिनी वर दे
ज्ञानदा शारदा जय माँ सरस्वती !
वीणा वादिनी वर दे-०२
प्रिय स्वतंत्र रव अमृत मंत्र नव-०२
भारत में भर दे,
वीणा वादिनी वर दे-०२
काट अंध उर के बंधन स्तर-०२
बहा जननि ज्योतिर्मय निर्झर-०२
कलुष भेद तम हर प्रकाश भर,
जगमग जग कर दे,
वीणा वादिनी वर दे-०२
और इसे भी देखें: वीणा वादिनी सरस्वती वंदना
नव गति नव लय ताल छंद नव-०२
नवल कंठ नव जलद मन्द्ररव-०२
नव नभ के नव विहग वृन्द को,
नव पर नव स्वर दे,
वीणा वादिनी वर दे-०२
प्रिय स्वतंत्र रव अमृत मंत्र नव-०२
भारत में भर दे,
वीणा वादिनी वर दे-०३


