ऊंचे ऊंचे मंदिरोवाली तेरी अद्धभुत माया है
ऊंचे ऊंचे मंदिरोवाली तेरी अद्धभुत माया है
ऋषि मुनि और देवी देवता जान कोई ना पाया है
हे जग जननी हे महा माया तेरे खेल निराले है
तेरी ही ज्योति के नूर से रोशन चाँद सितारे हैं
जल थाल की रचना करके तूने जगत रचना है
ऋषि मुनि और देवी देवता जान कोई ना पाया है
इस जग के कान में मैया मुझे तो तुही नज़र आया
चारो और तेरा ही जलवा मेरी नज़र जिधर जाये
गुलशन में फूल कलियो में तेरा ही नूर समय है
ऋषि मुनि और देवी देवता जान कोई ना पाया है
तुम चाहो तो पत्थर को भी मां पारस कर शक्ति हो
मौज में आगर सागर को गगर में भर शक्ति हो
खुश किस्मत है दास तेरा मां जिसपे तेरा साया है
ऋषि मुनि और देवी देवता जान कोई ना पाया है
