उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

  • ulaj mat dil baharo me baharo ka bharosa kaya

उलज मत दिल बहारो में बहारो का बरोसा क्या
साहारे टूट जाते है सहारो का भरोसा क्या
उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

तमानाये जो तेरी है वो बुहारे है वो सावन की
फुहारे सुख जाती है फुहारों का भरोसा क्या
उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

तू अपनी अक्ल मंदी पर विचारों पर न इतराना
है लेहरो की तरह चंचल विचारो का भरोसा क्या
उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

परम प्रभु की शरण लेकर विचारो से सजन रेहना,
कहा कब मन बिगड़ जाए विचारो का भरोसा क्या
उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

अगर विस्वाश करना है तो कर दुनिया के मालिक का
धनी कंजूस लोभी और मकारो का भरोसा क्या
उलज मत दिल बहारो में बहारो का भरोसा क्या

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