उड उड चले पवन सूत रावण की लंका जलाने
उड उड चले पवन सूत
रावण की लंका जलाने।।
उड उड चले पवन सूत
रावण की लंका जलाने।।
रावण की लंका जलाने
सत्या का ध्वजा फहराने।।
उड चले रामजी का नाम ले
दुराचारी को सबक सीखने।।
उड उड चले पवन सूत
रावण की लंका जलाने।।
सोने के कटोरे में रखा
हो चाहे जहर तो जहर है
ऐसे अधर्मी को दंड दीजिए
जिसको लाज है ना दर्र है
पर नारी पे जो नज़र बुरी डाले
बुद्धि पे जिसकी पड़ गये ताले
आज हनुमानजी लगा देंगे
रावण आकल ठिकाने।।
उड उड चले पवन सूत
रावण की लंका जलाने।।
उड़ चले उड़ उड़ चले
उड उड चले पवन सूत
रावण की लंका जलाने।।

