तुम्हें बांधने राखी कन्हैया वृन्दावन आयी हूँ
राखी का त्यौहार आया, राखी का त्यौहार !
राखी का त्यौहार आया, राखी का त्यौहार !
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ-०२
वृन्दावन आयी हूँ, मैं राखी लायी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
मथुरा में देखा मैंने, मधुवन में देखा-०२
गोकुल की कुञ्ज गलियन में देखा-०२
राखी बांधने तेरी कलईयां, वृंदावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
नजरें अब कान्हा मेरी बैठी बैठी जाए-०२
मुरली की धुन मुझे कहीं ना सुनाये-०२
नटखट शरारती तू भैया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ-०२
लायी हूँ तुम्हारे लिए माखन मलाई-०२
जो मथुरा के गलियन में तुमने है खायी-०२
कहाँ लेके हो निकले अपनी गैया, वृन्दावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
मोर मुकुट सर पे न्यारा न्यारा लागे-०२
रूप मनमोहक कान्हा प्यारा प्यारा लागे-०२
अब पार लगा दो मेरी नैया, वृन्दावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
राखी का त्यौहार आया, राखी का त्यौहार !
राखी का त्यौहार आया, राखी का त्यौहार !
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ-०२
वृन्दावन आयी हूँ, मैं राखी लायी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
मथुरा में देखा मैंने, मधुवन में देखा-०२
गोकुल की कुञ्ज गलियन में देखा-०२
राखी बांधने तेरी कलईयां, वृंदावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
नजरें अब कान्हा मेरी बैठी बैठी जाए-०२
मुरली की धुन मुझे कहीं ना सुनाये-०२
नटखट शरारती तू भैया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ-०२
लायी हूँ तुम्हारे लिए माखन मलाई-०२
जो मथुरा के गलियन में तुमने है खायी-०२
कहाँ लेके हो निकले अपनी गैया, वृन्दावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
और इसे भी सुनें: जुग जुग जिये मेरा भईया
मोर मुकुट सर पे न्यारा न्यारा लागे-०२
रूप मनमोहक कान्हा प्यारा प्यारा लागे-०२
अब पार लगा दो मेरी नैया, वृन्दावन आयी हूँ,
कहाँ छुपे हो मुरली बजइया, वृन्दावन आयी हूँ,
तुम्हें बांधने राखी कन्हैया, वृन्दावन आयी हूँ।
