तू शक्ति है तू ज्वाला है मेरी बिगड़ी बनाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ
तुझे ही याद करता हूँ
मुझे दर्शन दिखाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ।।
किसी शुभ कर्म का फल है
जो तू रग रग में समायी है
कई जन्मो की भक्ति है
जो मेरे काम आयी है
कई जन्मो की भक्ति है
जो मेरे काम आयी है
मेरी नैया भंवर में है
किनारे पर लगाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ।।
तुम्हारे ही भरोसे पर
जगत से मैंने मुख मोड़ा
तुम्हारे ही सहारे
पर है नाता सबसे है तोडा
जो माँ बेटे का रिश्ता है
उसी को निभाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ।।
तरसता हूँ में दर्शन को
ये क्या कर्मो का लेखा है
ये माता वैसे तो कई बार
तुम्हे ख्वाबो में देखा है
दास को अपने चरणों में
ऐ बरदाती लगाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ।।
तुझे ही याद करता हूँ
मुझे दर्शन दिखाने आ
तू शक्ति है तू ज्वाला है
मेरी बिगड़ी बनाने आ।।

