तू आदि भवानी तू परम सत्य
माँ…
इस अँधेरे में बस तेरा हीं नाम दिखता है,
कहते हैं कि तू हर जगह है,
पर फिर मेरे दिल में इतनी खालीपन क्यों है माँ ?
जय अम्बे गौरी माँ !
तू आदि भवानी, तू परम सत्य,
तेरी हीं माया में सारा जगत,
तेरी हीं छाया से जीवन सजे,
तेरे बिना माँ सब है विरक्त,
तेरी हीं शक्ति से सूरज जले,
तेरी हीं कृपा से चंदा खिले,
हर स्वांस में तू, हर आस में तू,
तुहीं तो माँ हर रूप में मिले।
माँ मैंने दुनिया में बहुत कुछ चाहा,
पर सुकून सिर्फ तेरे चरणों में मिला,
जय अम्बे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरे चरणों में है सारा जहां,
माँ मेरी हर धड़कन तेरा हीं नाम,
तू हीं तो है मेरा आसमान,
जब जब अँधेरा मुझको घेरे,
तेरा हीं दीपक राह दिखाए,
जब जब मैं गिरकर टूट गया,
तेरी हीं ममता मुझे उठाये,
तेरी हीं गोद में शांति मिले,
तेरी हीं नजर में करुणा बहे,
तेरी हीं भक्ति में खो जाऊं मैं,
बस तेरे नाम से जीवन सजे।
और इसे भी देखें: तेरे बिना सुना मेरा हर एक जहाँ
सबने छोड़ा माँ पर तूने नहीं, मैंने भी तुझे भुला दिया था,
फिर भी तूने मुझे कभी नहीं भुलाया,
जय अम्बे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरी कृपा से जग सारा खिला,
हर दर्द मेरा तुझमे समाया,
तू हीं मेरा एक सहारा,
तू कण कण में, तू अणु अणु में ,
तू हीं तो सृष्टि का आधार,
तू हीं तो गंगा, तू हीं हिमालय,
तू हीं तो जीवन का विस्तार,
तू हीं आदि, तू हीं अंत है,
तू हीं सच्चा हर एक तत्व है,
तेरे चरणों में जो झुक जाए,
उसका हर दुःख फिर समाप्त है।
तू शुन्य में भी, तू पूर्ण में भी,
तू हरेक सत्य की पहचान,
तू हीं भक्ति, तू हीं शक्ति,
तू हीं जीवन का अंतिम ज्ञान।
अब कुछ नहीं माँ,
ना कोई इच्छा ना कोई डर,
बस तू हीं तू रहे और मैं तेरे चरणों में खो जाऊं।
आ आ आ आ…
जय माँ जय माँ,
जय माँ जय माँ,
जय अम्बे गौरी, जय जगदम्बे माँ,
तेरी महिमा से जग सारा खिला,
तू आदि भवानी तू परम सत्य,
तेरे चरणों में मेरा सबकुछ अर्पण माँ,
जय जय जय माँ,
जय जय जय माँ,
माँ…
अब कहीं जाने का मन नहीं करता,
बस मन नहीं करता , बस तेरे पास हीं रहना है।
