तेरे दर्श को अखियां प्यासी

  • tere darsh ko akhiyan pyaasi darshan do sai nath

तेरे दर्श को अखियां प्यासी,
दर्शन दो साई नाथ,

भोर बई चिड़ियाँ चेह चहाये,
बैठी हु तेरे द्वार,
इक झलक जो तेरी देखु बेडा लगा दो पार,
तेरे दर्श को अखियां प्यासी,

पलके बिशा के राह निहारु आ जाओ साई नाथ,
ताने है मारे मुझको दुनिया लाज है तेरे हाथ,
तेरे दर्श को अखियां प्यासी,

अशवन की बतियाँ सुन लेता,
साई मेरे नाथ सबके बिगड़े काज बनाये,
मेरी भी सुन फर्याद,
तेरे दर्श को अखियां प्यासी,

छोड़ गये सब संगी साथी तेल बिना जैसे हो बाती,
तो न मुझको यु ठुकराना तू ही मेरा भगवान,
तेरे दर्श को अखियां प्यासी,

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