तेरे भगत ने साजा दिया दरबार बालाजी
तेरे भगत ने साजा दिया दरबार बालाजी
तू बहार ते आजा ने एक बार बालाजी।।
बाबा तेरी सूरत प्यारी मैं जौ वारी वारी
दुनिया के कष्ट मितये बजरंगी बलकारी।।
तन्ने संकट हरि कहता है संसार बालाजी
तू बहार ते आजा ने एक बार बालाजी।।
तू सबके मन की जाने
तू दूध और पानी छने।।
मैं भी सु तेरा बेटा
बाबा क्यो न माने पहचानने।।
मेरे जीवन में छाया से अंधाकार बालाजी
तू बहार ते आजा ने एक बार बालाजी।।
बाजे तीन लोक में डंका
रावण की फूकी लंका।।
तेरे चारनो में विनती
मेरे मन की मीतो शंका।।
देदे आरती के छेते दो चार बालाजी
तू बहार ते आजा ने एक बार बालाजी।।
कहे राजू धीगल वाला
बजरंगी मेरा रुखाला।।
बाबा गुरु मां रत्ती तेरे नाम की माला
मां ज्योत जगवे मनागल और शनिवार बालाजी
तू बहार ते आजा ने एक बार बालाजी।।
