तीन रंग का झंडा
यहीं है गंगा यहीं हिमालय, हिन्द की ये पहचान है,
इस वतन के रखवाले हैं हम-०२
शेरे जिगर वाले हैं हम,
मौत से भला हम क्यों डरें,
अरे मौत से भला हम क्यों डरें,
मौत को तो अपने बाँहों में पाले हैं हम।
बोलो भारत माता की, जय !
यहीं है गंगा यहीं हिमालय, हिन्द की ये पहचान है,
ये तीन रंग का झंडा मेरे हिन्दुस्तां की शान है,
ये तीन रंग का झंडा पुरे हिन्दुस्तां की शान है।
जो भारत से टकरायेगा, वो चूर चूर हो जायेगा,
लहरायेगा तिरंगा अब सारे आसमान पर,
भारत का हीं नाम होगा, हर किसी की जुबान पर,
अरे ले लेंगे उनकी जान, या खेलेंगे अपनी जान पर,
जो कोई आँख उठायेगा, मेरे हिन्दुस्तान पर।
बोलो भारत माता की, जय !
जो भारत से टकरायेगा, वो चूर चूर हो जायेगा,
औकात कहाँ है दुशमन की, जो हमको आँख दिखायेगा,
हर भारत वासी का ये तिरंगा स्वाभिमान है,
ये तीन रंग का झंडा मेरे हिन्दुस्तां की शान है,
ये तीन रंग का झंडा पुरे हिन्दुस्तां की शान है।
जब देश पे आफत आयी है, हमने ताकत दिखलायी है,
ईंट का जबाब हम पत्थर से देतें हैं-०२
दुश्मनी का बदला हम जरूर लेते हैं,
अरे मेरी जान से बढ़कर मेरा हिन्दुस्तान है,
क्योंकि इसी हिन्दुस्तान के बेटे हैं हम।
बोलो भारत माता की, जय !
जब देश पे आफत आयी है, हमने ताकत दिखलायी है,
हर घर में यहाँ भगत सिंह है, हर घर में लक्ष्मी बाई है,
कभी ना झुकेगा ये तिरंगा, पंकज का ऐलान है,
ये तीन रंग का झंडा मेरे हिन्दुस्तां की शान है,
ये तीन रंग का झंडा पुरे हिन्दुस्तां की शान है।
