तीज गीत
शिव संगी सुतली सेजरिया, ता गौरा रानी पूछेली हो,
शिव जी कवने व्रत हम करीं, की पिया के उम्र बढ़ी सेन्दुरा अमर रही हो-०२
इतना वचन शिव जी सुनले, ता मन मुस्काईले हो-०२
गौरा तीज के तू करीहअ व्रतिया, ता पिया के उम्र बढ़ी सेन्दुरा अमर रही हो-०२
तीज के व्रत बड़ा पावन, लागे मन भावन हो-०२
गौरा निर्जल रहीहअ निराहार, ता शिव के पूजन जइहअ सोलहो श्रृंगार करीहअ हो-०२
शिव शंकर जी के लोकप्रिय भजन संग्रह
सगरी सुहागिन कर व्रतिया, ता पिया के उम्र मांगै हो-०२
गौरा जनम जनम रहीहअ सुहागिन, ता सेन्दुरा अमर रही हो-०२
गौरा तीज के तू करीहअ व्रतिया, ता पिया के उम्र बढ़ी हो-०३

