सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
श्री राम भक्त बनकर दुनिया को ये दिखाना।।
भूलो ना निर्भया को लड़ी मौत से लगी
हैवानियत यहां पे इंसान बनके आई
धुधो इनको जलाओ रावण है अगर जलाना।।
सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
श्री राम भक्त बनकर दुनिया को ये दिखाना।।
करवाते दुर्गा पूजन मूरत ख़रीद लाते
जनमे जो लक्ष्मी तो कीमत ही भूल जाते
छोड़ो दिखवा अब तुम बेकार है दिखाना।।
सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
श्री राम भक्त बनकर दुनिया को ये दिखाना।।
रावण जालने वाले कहते बुरायी जलती
ना राम राज्य आया घर घर बुरायी पलटी
फिर क्या जलाए रावण जब जल रहा जमाना।।
सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
श्री राम भक्त बनकर दुनिया को ये दिखाना।।
संदीप झूठी दुनिया झूठे हैं चेहरे सारे
रावण जाला रहे है रावण ही मिलकर सारे
रावण हसेगा एक दिन पागल है ये जमाना।।
सीता हरण को रोको रावण को फिर जलाना
श्री राम भक्त बनकर दुनिया को ये दिखाना।।

