श्री हनुमान प्रसादम
पूर रखवारे देखी बहू
कपि मन कीन्ह विचार
आती लघु रूप धरो नीसी
नगर करो पैसार
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
मसक समान रूप कपि धरी
लंकहि चलेऊ सुमीरी नरहरी
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
नाम लांकिनी एक नीसिचारी
सो कह चालेसी मोहि निन्दारी
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
जानेही नही मरामू साथ मोरा
मोर आहार जहाँ लगी छोरा
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
मुतिका एक महा कपि हानि
मुतिका एक महा कपि हानि
रुधिर बमत धारणी ढनमनी
श्री राम जाई राम जाई जाई राम
श्री राम जाई राम जाई जाई राम
पुनी संभारी उतिसो लंका
पुनी संभारी उतिसो लंका
ज़ोरी पानी कर बिने ससंका
ज़ोरी पानी कर बिने ससंका
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
जब रावन्हि ब्रम्ह बार दिन्हा
चलत बिरंचिकःा मोहि चिन्ह्आ
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
बिकल होसी टेयै कपि के मारे
तब जानेसु नीसिचर संघारे
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
तट मोर आती पुण्या बहूता
देखेऊ नयन राम कर दूता
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम

