शिरडी वाले साई राम बैठे है

  • shirdi vale sai ram bethe hai

शिरडी वाले साई राम बैठे है मेरे सीने में,
देखलो मेरे दिल के नगीने में,
शिरडी वाले साई राम बैठे है मेरे सीने में,

मुझे कीर्ति न भावव न यश चाहिए,
साई के नाम का मुझे रस चाहिए,
सुख मिले ऐसे अमिरत को पिने से,
शिरडी वाले साई राम बैठे है मेरे सीने में,

साई रसिया हु मैं साई सुमिरन करू,
मैं साई नाम का सदा चिंतन करू,
सच्चा आनंद है ऐसे जीने में,
शिरडी वाले साई राम बैठे है मेरे सीने में,

मेरे सब कुछ साई तेरे चरणों तले,
यही चाहु सदा तेरी सेवा मिले,
तीनो लोको का सुख तेरे चरणों में,
शिरडी वाले साई राम बैठे है मेरे सीने में,

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