शरण आ गया रामजी मैं तुम्हारी
बहुत दिन से तारीफ सुनकर तुम्हारी,
शरण आ गया रामजी मैं तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, तेरी अवध बिहारी,
जो अब टाल दोगे मुझे अपने दर से,
तो होगी हंसी नाथ, दर दर तुम्हारी-०२
बहुत दिन से तारीफ सुनकर तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, अवध बिहारी।
सुना है की उनको ना करुणा सताती-०४
जो रहते हैं करुणा नजर में तुम्हारी-०२
शरण आ गया हूँ, अवध बिहारी,
शरण आ गया हूँ, तेरी अवध बिहारी,
बहुत दिन से तारीफ सुनकर तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, तेरी अवध बिहारी।
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यही प्रार्थना है, यही याचना है-०४
जुदा हूँ ना नजरो से, पल भर तुम्हारी-०२
शरण आ गया हूँ, तेरी अवध बिहारी,
बहुत दिन से तारीफ सुनकर तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, मेरे राम तुम्हारी।
ये दृग बिंदु तुमको खबर दे रहे हैं-०४
है याद दिल में बराबर तुम्हारी,
की है याद दिल में बराबर तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, मेरे राम तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, तेरी अवध बिहारी,
बहुत दिन से तारीफ सुनकर तुम्हारी,
शरण आ गया हूँ, मेरे राम तुम्हारी।

