सज़ा है दरबार तेरा हे पवन कुमार तेरा
सज़ा है दरबार तेरा हे पवन कुमार तेरा
सज़ा है दरबार तेरा जय हो
हे पवन कुमार तेरा जय हो।।
सज़ा है दरबार तेरा जय हो
हे पवन कुमार तेरा जय हो।।
अद्भुत है गाड़ा है तेरे हाथ हाथ
बजरंगी क्या तेरी बात बात
तेरी द्वाजा तेरी द्वाजा शिखर लहराए।।
सज़ा है दरबार तेरा हे पवन कुमार तेरा
सज़ा है दरबार तेरा हे पवन कुमार तेरा।।
बजरंग बलि तुम हर युग में
त्रेता द्वापर कलियुग में
हो अजर हो अजर अमर कहलाए।।
सज़ा है दरबार तेरा जाई हो
हे पवन कुमार तेरा जाई हो
अद्भुत है गाड़ा है तेरे हाथ हाथ
बजरंगी क्या तेरी बात बात
तेरी द्वाजा तेरी द्वाजा शिखर लहराए।।
मंगल को मंगल गान हुए
जाग में पैदा हनुमान हुए
मा अंजनी मा अंजनी गोद खिलाए।।
सज़ा है दरबार तेरा जाई हो
हे पवन कुमार तेरा जाई हो
अद्भुत है गाड़ा है तेरे हाथ हाथ
बजरंगी क्या तेरी बात बात
तेरी द्वाजा तेरी द्वाजा शिखर लहराए।।
हो पाँच मुखी हनुमान तुम्ही
बाल बुद्धि विधया ज्ञान तुम्ही
सिया राम सिया राम नाम गुण गये।।
सज़ा है दरबार तेरा जाई हो
हे पवन कुमार तेरा जाई हो
अद्भुत है गाड़ा है तेरे हाथ हाथ
बजरंगी क्या तेरी बात बात
तेरी द्वाजा तेरी द्वाजा शिखर लहराए।।
कभी संकट पास नही आवे
हनुमान चालीसा जो गावे
लक्खा राजपाल शीश नवाए।।
सज़ा है दरबार तेरा जाई हो
हे पवन कुमार तेरा जाई हो
अद्भुत है गाड़ा है तेरे हाथ हाथ
बजरंगी क्या तेरी बात बात
तेरी ध्वजा तेरी ध्वजा शिखर लहराए।।
